एफएआर मामला : दिल्ली के 200 पब्लिक स्कूल  केन्द्र की शरण में
 
एफएआर मामले में एमएचआरडी तथा शहरी विकास मंत्रालय से की हस्तक्षेप की मांग
मास्टर प्लान के अनुसार नहीं मिली एफएआर बढ़ाने की अनुमति 
 
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के लगभग 200 पब्लिक स्कूलों को दिल्ली के मास्टर प्लान 2021 के अनुसार फलोर एरिया रेशो एफएआर बढ़ाने की अनुमति पिछले चार वर्ष में नहीं मिली है। यह सभी स्कूल डीडीए द्वारा आवंटित भूमि पर बने हैं। पब्लिक स्कूलों ने अब मानव संसाधन विकास मंत्रालय तथा शहरी विकास मंत्रालय से हस्तक्षेप कर छात्र छात्राओं के हित में एफएआर बढ़ाने की अनुमति देने की मांग की है। 
राजधानी दिल्ली के गैर सहायता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों की एक्शन कमेटी ने मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर तथा शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी को पत्र लिखकर डीडीए से भूमि लेने वाले स्कूलों के सामने उत्पन्न एफएआर की समस्या से अवगत कराया है। एक्शन कमेटी के अनुसार पिछले मास्टर प्लान के अनुसार डीडीए द्वारा आठवीं तक के स्कूलों के लिये 8000 वर्ग मीटर  भूमि का आवंटन किया जात था तथा हायर सेकेंडरी स्कूलों के लिये 16000 वर्ग मीटर भूमि का आवंटन किया जाता था लेकिन नये मास्टर प्लान के अनुसार डीडीए ने सीनियर सेकेंण्डीर स्कूलों के लिये भूमि की उपलब्धता को घटाकर 6000 वर्गमीटर कर दिया है तथा सीबीएसई द्वारा तो 3200 वर्ग मीटर भूमि उपलब्ध होने पर ही सीनियर सेकेण्डरी स्कूलों की मान्यता प्रदान कर देती है। 
एक्शन कमेटी के अध्यक्ष एसके भटटाचार्या तथा महासचिव भरत अरोड़ा ने पत्र में केन्द्र सरकार के दोनों मंत्रियों से कहा है कि मास्टर प्लान 2021 में तथा सीबीएसई नियमों में सीनियर सेकेण्डरी स्कूलों के लिये भूमि की उपलबधता को कम किये जाने के बावजूद राजधानी में 8000 वर्ग मीटर भूमि वाले स्कूलों को भी एफएआर बढ़ाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। कमेटी के अनुसार स्कूलों को 30 प्रतिशत एफएआर अब तक दिया जाता है लेकिन मास्टर प्लान के नये नियमों के अनुसार 35 प्रतिशत एफएआर मिलना चाहिए। एक्शन कमेटी के अनुसार एफएआर बढ़ाने के लिये  स्कूल नगर निगम को कई बार आवेदन कर चुके हैं लेकिन निगम का कहना है कि पहले नये नियमों के अनुसार डीडीए स्कूलों के साथ की गई अपनी लीज में अपग्रेडेशन करे तभी निगम इस पर विचार करेगा। 
एक्शन कमेटी द्वारा मानव संसाधन विकास मंत्री को दिये गये पत्र में कहा गया है कि एफएआर ना बढ़ने के कारण पब्लिक स्कूलों में आवश्यकता के अनुसार प्रयोगशालाओं तथा ईसीए क्रियाकलापों के लिये कमरे बनाने में कठिनाई हो रही है। शहरी विकास मंत्री को दिये गये पत्र में मंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप कर डीडीए तथा नगर निगम को निर्देश देकर इस मामले का समाधान कराने की मांग की गई है।