प्री स्कूल से प्लस टू तक एक साथ चलेगा ‘समग्र शिक्षा अभियान’ 
 
  दीपक रंजन 
नयी दिल्ली  देश में शिक्षा को गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए केंद्र सरकार ने समग्र शिक्षा अभियान के तौर पर एक नई एकीकृत शिक्षा योजना लागू की है जिसे 75 हजार करोड़ रूपये की लागत से आगे बढाया जायेगा ।
  ‘समग्र शिक्षा अभियान’ में सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान तथा शिक्षक प्रशिक्षण से संबंधित योजना को समाहित किया गया है। यह प्रारंभिक तौर पर 1 अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2020 तक के लिए होगा । मानव संसाधन विकास मंत्रालय के एक अधिकारी ने ‘‘भाषा’’ को बताया कि स्कूली छात्रों के लिये यह सबसे बड़ा कार्यक्रम है जिसके दायरे में प्री स्कूल से लेकर 12वीं कक्षा तक के बच्चों को लाया जा रहा है ।
  उन्होंने कहा, ‘‘ इसके माध्यम से सभी सामाजिक स्तर के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण समावेशी शिक्षा प्रदान की जायेगी और इसके लिये वर्ष 2020 तक के लिये 75 हजार करोड़ रूपये का बजटीय आवंटन किया गया है ।  सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान और शिक्षक शिक्षण अभियान को एक साथ समाहित कर चलाई जाने वाली इस योजना के लिये 75 हजार करोड़ रूपये मंजूर किये गए हैं । योजना का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के क्षेत्र में सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप नर्सरी से लेकर माध्यमिक स्तर तक सभी के लिये समान रूप से समग्र एवं गुणवत्ता युक्त शिक्षा सुनिश्चित करना है । एकीकृत स्कूली शिक्षा में शिक्षकों, प्रशिक्षण एवं प्रौद्योगिकी के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर बल दिया जायेगा ।
  नयी योजनाओं में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना, लर्निंग आउटकम बढाना, शिक्षा में सामाजिक एवं लैंगिक असमानता को कम करना, स्कूलों को तय मापदंड के अनुरूप बनाना, स्कूलों में अधिक से अधिक व्यवसायिक शिक्षा को बढावा देना, शिक्षा के अधिकार अधिनियम को कड़ाई से लागू करना, राज्य शैक्षणिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद तथा शिक्षक प्रशिक्षण को अधिक सशक्त तथा बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है ।
  योजना में शिक्षण-प्रशिक्षण कार्यक्रम को शामिल किया गया है । समग्र शिक्षा अभियान के तहत बजट दो वर्ष के लिए तैयार होगा। इस बार 1 अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2020 तक के लिए जिलावार बजट बनाने का निर्देश दिया गया है। सभी जिले दो वर्ष के लिए बजट प्रस्ताव तैयार करेंगे। आगामी शैक्षणिक सत्र से तीनों योजनाओं को समाहित कर ‘समग्र शिक्षा’ अभियान शुरू किया जाएगा। दो साल के लिए प्रायोगिक तौर पर इसे अमल में लाया जाएगा। इसका दायरा नर्सरी से माध्यमिक स्कूल तक रहेगा।  उल्लेखनीय है कि 6 से 14 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने के लिए सर्वशिक्षा अभियान, माध्यमिक स्तर के लिए राष्ट्रीय शिक्षा अभियान चलाया जाता है। सर्वशिक्षा अभियान के अंतर्गत पहली से 8वीं कक्षा तक पढने वाले विद्यार्थियों को नि:शुल्क शैक्षणिक सामग्री, अनुसूचित जाति, जनजाति के छात्र तथा सभी वर्ग की छात्राओं के लिए नि:शुल्क पोशाक योजना चलाई जाती है। अब इसका दायरा बढाकर नर्सरी से 12वीं कक्षा कर दिया गया है ।  शिक्षकों को डायट के माध्यम से प्रशिक्षण दिया जाता है। राष्ट्रीय शिक्षा अभियान अंतर्गत केवल सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री तथा पोशाक नि:शुल्क दिए जाते हैं। शिक्षकों को डायट के माध्यम से प्रशिक्षण देकर अपडेट किया जाता है। स्वतंत्र रूप से चलाए जा रहे तीनों कार्यक्रमों का समग्र शिक्षा अभियान में समायोजन किया गया है और प्राथमिक शिक्षा विभाग के माध्यम से इसे अमल में लाया जाएगा। 
साभार भाषा