सांस्कृतिक विविधता को प्रकट करना कला साधकों का काम
  संस्कृति सुगंध मे जुटे प्रख्यात कलाकार व साहित्यकार
 
नई दिल्ली।  नेमिषरण्य फाउंडेशन व नेहरू स्मारक सग्रहालय व पुस्तकालय सहित अनेक प्रमुख संगठनों द्वारा आयोजित संस्कृति सुगंध-उत्सव उत्कर्ष का नववर्ष कार्यक्रम में देश के अनेक प्रमुख कलाकार, कला चिंतक तथा साहित्यकारों ने देश की कला परंपरा पर चर्चा की। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि हमारी सांसकृतिक विविधता को समग्रता के साथ प्रकट करना कला साधकों का काम है। 
तीन मूर्ति भवन में आयोजित आयोजित संस्कृति सुगंध‘-उत्सव उत्कर्ष का भारतीय नववर्ष का है कार्यक्रम का आयोजन  इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र, संगीत नाटक अकादमी, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय और राष्ट्रीय आधुनिक कला संग्रहालय  आदि संगठनों के सहयोग से किया गया। समारोह में संस्कृति मंत्री डॉ महेश शर्मा, कला विद् और वरिष्ठ नृत्यांगना सोनल मानसिंह, बाबा साहब पुरंदरे, दाजी होसबोले, डॉ राम शरण गौड़ सांस्कृतिक जागरण तथा  देश के अनेक प्रख्यात कलाकार व साहित्यकार मौजूद रहे। 
समारोह को संबोधित करते हुए नेहरू स्मारक संग्रहालय एवं पुस्तकालय के निदेशक शक्ति सिन्हा ने कहा कि ऐसे आयोजनों से हमारे संस्कृतिकर्मिंयों में एक उत्साह और जोश का संचार होगा। संस्कृति नैमिषेय का परिचय इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के सदस्य सचिव डॉ सच्चिदानंद जोशी ने दिया।   चित्रकार वासुदेव कामत ने कहा कि हम संस्कृतिकर्मी ने अपने संपूर्ण जीवन में जो भी अर्जित किया है उसे समाज के प्रति हमें कृतज्ञता स्वरूप समर्पित करना चाहिए तभी उसकी सुगंध ‘संस्कृति की सुगंध‘ बन पाएगी। इस अवसर पर भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के अध्यक्ष विनय सहस्रबुद्धे ने कहा कि हमारी सांस्कृतिक विविधता को पूरी समग्रता के साथ प्रकट करना कला साधकों का काम है। हमारी कलाएं अतीत से निकल कर, वर्तमान से होते हुए , भविष्य की ओर जाती हैं। यह चिर पुरातन होते हुए भी नित नूतन है।   वरिष्ठ भरतनाट्यम नृत्यांगना डॉ पद्मा सुब्रम्णयम  संस्कार भारती के संस्थापक सदस्य बाबा योगेन्द्र ने भी समारोह को संबोधित किया7  समारोह में गांधर्व महाविद्यालय के बाल कलाकारों ने स्वस्ति वाचन, चतुरंग और ‘गीत हिंद देश के निवासी‘ का गायन किया। इसका निर्देशन युवा शास्त्रीय गायिका सावनी मुद्गल ने किया। जबकि, भरतनाट्यम नृत्यांगना व गुरू सरोजा वैद्यनाथन की शिष्याओं ने भरतनाट्यम नृत्य प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डॉ चंद्रप्रकाश द्विवेदी के निर्देशन में बनी फिल्म संस्कृति नैमिषेय का प्रदर्शन भी किया गया। 
इस अवसर पर आदि उपस्थित थे। इनके अलावा, कई गणमान्य कलाकार, जैसे-गीता चंद्रन, प्रतिभा प्रहलाद, गीता महालिक, रंजना गौहर, नलिनी, कमलिनी, रानी खानम, गायिका मालिनी अवस्थी, सांसद व गायक मनोज तिवारी, नाटककार डॉ दयाप्रकाश सिन्हा, गायिका सुमित्रा गुहा व गायत्री कन्नन की उपस्थिति ने समारोह की रौनक को और बढ़ा दिया था।