बच्चों में गणित का डर निकालने का उपाय खोजेगी कमेटी
  • अध्यापकों के प्रशिक्षण में होगा सुधार
  • एनसीईआरटी बोर्ड की वाषिर्क बैठक में लिये गये निर्णय
  • देश भर से शिक्षा मंत्री व शिक्षा सचिव हुए शामिल 
 
नई दिल्ली। बच्चों में गणित को लेकर उत्पन्न डर को निकालने का उपाय विशेषज्ञों की एक उच्चस्तरीय कमेटी खोजेगी। इस कमेटी का गठन गुजरात के मंत्री भूपेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में किया गया है। इसके अलावा अध्यापकों के प्रशिक्षण को बेहतर बनाने के उपायों के लिये भी एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। इन दोनों कमेटियों में शिक्षाविद तथा अधिकारी शामिल होंगे। 
एनसीईआरटी बोर्ड की आज विज्ञान भवन में हुई वाषिर्क बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये। बैठक के बाद मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि आज की बैठक में देश के छह राज्यों के शिक्षा मंत्रियों के अलावा सभी राज्यों के शिक्षा सचिव शामिल थे। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों हुए नेशनल एसेसमेंट सव्रे के नतीजों पर इस बैठक में विचार हुआ। उन्होंने कहा कि एसेसमेंट में बच्चों के भीतर गणित विषय को लेकर डर की बात सामने आई है, जिसे निकालने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बच्चों में गणित का डर कैसे निकाला जाये इसके लिये एक कमेटी का गठन गुजरात के मंत्री भूपेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है जिसमें अधिकारी व  शिक्षाविद शामिल होंगे। यह कमेटी एक माह में रिपोर्ट देगी।
जावडेकर ने बताया कि अध्यापकों की सेवा व प्रशिक्षण में सुधार के लिये भी एक कमेटी का गठन तेलांगना के उपमुख्यमंत्री की अध्यक्षता में किया गया है। इस कमेटी में भी शिक्षाविदों व अधिकारियों को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि देश भर से आये शिक्षा सचिवों व शिक्षा मंत्रियों ने देश में समग्र शिक्षा अभियान में किये गये परिवर्तनों तथा सुधारों का स्वागत किया है। उन्होंने बताया कि कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय अब छठी या आठवीं तक नहीं बल्कि 12वीं तक होंगे। उन्होंने बताया कि शिक्षा सचिवों ने आपरेशन डिजिटल बोर्ड तथा इंटीग्रेटिड बीएड कोर्स का भी स्वागत किया है। सरकार ने हर स्कूल को स्पोर्टस इक्वीपमेंट  5 से 20 हजार रुपये प्रति वर्ष देने का लिये लिया है। क्षके अलावा स्कूलों में विशेष आवश्यकता वाली बालिकाओं के लिये 200 रुपये की मासिक सहायता देने का निर्णय लिया गया है।
जावडेकर ने बताया कि हर स्कूल में  लाइब्रेरी  के लिये भी  5 से 20 हजार इिसे जायेंगे तथा स्कूलों को दी जा रही कम्पोजिट ग्रांट जो 14 हजार से 50 हजार होती थी वह बढ़ाकर 25 हजार से एक लाख की गई है। छात्रों की  यूनिफार्म राशि 400  रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये किये गये हैं तथा किताबों के लिये भी 250 रुपये से बढ़ाकर 400 रुपये किये गये हैं।  एनसीईआरटी की पुस्तकों से संबधित सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि  इस वर्ष एनसीईआरटी पुस्तकों के लिये  3500 स्कूलों ने आर्डर किया और एनसीईआरटी ने कुल 6 करोडृ किताबें छापी हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली में एनसीईआरटी किताबें बेचने के लिये 94 वेन्डर हैं जिसका विज्ञापन भी दिया जा रहा है इसके अलावा एनसीईआरटी किताबें उपलब्ध कराने के लिये एक स्टॉल शास्त्री भवन में भी लगाया जायेगा।