पेपर लीक मामले में सीबीएसई प्रमुख की कुर्सी खतरे में
 
  • सीबीएसई के कुछ अधिकारियों पर गिर सकती है गाज
  • सीबीएसई प्रमुख को हटाने का भी पड़ रहा है दबाव
 
 
 
नई दिल्ली। केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद  सीबीएसई  की 12वीं कक्षा का अर्थशास्त्र का पेपर तथा 10वीं कक्षा का गणित का पेपर लीक होने के मामले में सीबीएसई प्रमुख अनिता करवाल की कुर्सी खतरे में पड़ गई है। मानव संसाधन मंत्रालय भी जहां पूरे मामले में सीबीएसई प्रमुख की भूमिका से खुश नहीं है वहीं देश भर में मचे बवाल के बाद सरकार पर भी उन्हें हटाने का दबाव बना हुआ है। मामले की आंतरिक जांच पूरी होने के बाद इस मामले में कुछ अधिकारियों पर गाज गिर सकती है। 
केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद सीबीएसई की 12वीं कक्षा का अर्थशास्त्र का पेपर तथा 10वीं कक्षा का गणित का पेपर लीक होने के बाद समूचे देश में सीबीएसई तथा सरकार के खिलाफ उत्पन्न आक्रोश थम नहीं रहा है। जगह जगह प्रदर्शन हो रहे हैं, विपक्षी दल तो सरकार पर निशान साथ ही रहे हैं, साथ ही छात्रों तथा अभिभावाकें के संगठन भी इस मामले में सड़कोंपर उतर रहे हैं। हालांकि पूरे मामले में पुलिस एफआईआर कराकर तेजी से जांच शुरु करने के अलावा आंतरिक स्तर पर भी जांच शुरु करा दी गई है लेकिन बड़ा सवाल यह है कि पेपर लीक होने से सीबीएसई की प्रतिष्ला व छवि को जो दाग लगा है क्या वह दाग जांच के बाद धुल जायेगा। 
केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने गत दिवस स्वयं यह स्वीकार किया कि सीबीएसई देश की प्रतिष्ठित व विसनीय संस्था रही है और पेपर लीक होने से सीबीएसई की प्रतिष्ठा पर दाग लगा है। दरअसल एक पखवाड़े के भीतर दो पेपर लीक होने की घटनाओं से जिस तरह सरकार की किरकिरी हो रही है उससे मानव संसाधन मंत्रालय भी सीबीएसई की भूमिका से संतुष्ट नहीं है। सूत्रों के अनुसार मंत्रालय अधिकारियों का मानना है कि यदि 12वीं के अर्थशास्त्र के पेपर लीक होने की घटना के बाद सीबीएसई ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए कुछ कठोर कदम उठाये होते तो सरकार को इस फजीहत का सामना ना करना पड़ता। 
इस पूरे मामले में सीबीएसई प्रमुख अनिता करवाल की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार मंत्रालय का मानना है कि सीबीएसई प्रमुख ने भी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन गंभीरता से नहीं किया है। मंत्रालय सूत्रों के अनुसार इस मामले में की जा रही आंतरिक जांच की रिपोर्ट का इंतजार किया जा सकता है। रिपोर्ट आने के बाद सीबीएसई प्रमुख को हटाया जा सकता है। सीबीएसई के कुछ अन्य अधिकारियों की भूमिका को लेकर भी मंत्रालय के अधिकारी नाराज हैं, ऐसे में यह निश्चित माना जा रहा है कि पेपर लीक मामले में सीबीएसई के कुछ अधिकारियों पर गाज गिर सकती है।