केवल आठ प्रतिशत स्कूल करते हैं आरटीई कानून का पालन: अध्ययन   
 
       नयी दिल्ली । एक सिविल सोसायटी समूह के अध्ययन के अनुसार,  देशभर के केवल आठ प्रतिशत स्कूल शिक्षा का अधिकार( आरटीई)  कानून के प्रावधानों का पालन करते हैं।
        शिक्षा के अधिकार के लिए कार्यरत सिविल सोसायटी समूह‘ आरटीई फॉरम’  ने आज20  राज्यों के10  हजार से अधिक एनजीओ सदस्यों के साथ आठवीं‘ नेशनल स्टॉकटेंिकग कंवेंशन’  का आयोजन किया।   अध्ययन के अनुसार,  भारत शिक्षा पर जीडीपी का तीन प्रतिशत से भी कम खर्च कर रहा है जबकि उसकी प्रतिबद्धता छह प्रतिशत खर्च करने की है। शिक्षा पर प्रति व्यक्ति खर्च मध्यम आय वाले देशों द्वारा किये जाने वाले खर्च से करीब चार गुना कम है। 
         शिक्षकों के रिक्त पद अब भी गंभीर मुद्दा बने हुए हैं। अध्ययन में कहा गया कि भारत में करीब बीस प्रतिशत शिक्षक अप्रशिक्षित हैं। न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर ने कहा, ‘‘ शिक्षा के अधिकार को तय करने के लिए बहुत प्रयास किये गये,  लेकिन इसके धीमे क्रियान्वयन से बच्चों कीएक  पीढी के शिक्षा के मौलिक मानवाधिकार से वंचित होने का जोखिम है। मुझे अफसोस है कि भारत में शिक्षा की गुणवत्ता खराब है और शिक्षकों के रिक्त पद भरे बिना शिक्षा के स्तर में सुधार की संभावना नहीं है।’’