विविधता में एकता हमारी सांस्कृतिक विरासत:स्मृति इरानी

नई दिल्ली। केन्द्रीय सूचना व प्रसारण मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी का कहना है कि हम भले ही अलग अलग भाषाएं बोलते हैं लेकिन यह सभी हमारी मां की भाषाएं है। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता यहां की सांस्कृतिक विरासत है।
       आईजीएनसीए में आयोजित शक्ति पर्व के समापन सत्र को संबोधित करते हुए  माननीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री, श्रीमती स्मृति ईरानी ने कहा कि “मैं आशावादी और अभिलाशी हूं कि यह जोश, जूनून और जश्न मात्र एक दिन तक सीमित न रह जाये। हर दिन महिला का दिन है, हर दिन महिला का पर्व है, हर दिन उत्सव है उन का इंसानियत जिसकी केंद्र महिला है। मेरा इस पर्व में आने के पीछे कारण यह था कि यहां वह सब विभूतियां मौजूद हैं जो संस्कार, समाज और रोजमर्या की आम जिंदगी में एक समंव्यता को ढूंढती हैं और एक सोच का संचार भी करती हैं। आज जब शक्ति स्वरुपा की चर्चा होती है तो लोग कहते हैं कि शक्तिशाली महिला वह है जो शिक्षित है। लेकिन मेरे देश की साधारण महिला की शक्ति का अहसास मुझे तब हुआ जब मैं पंजाब की एक साधारण गांव की महिला से मिली। इस दौरान उस महिला से जुड़ी एक कहानी दर्शकों के सामने रखी। जहां महिला के लड़की को जन्म देने को पर पति ने महिला से बच्ची को मारने को कहा। उस महिला ने इसका प्रयास भी किया लेकिन वो विफल रही। तब उस महिला ने फैसला किया कि जब मेरी बेटी मौत से लड़ सकती है तो क्या मैं अपने पति से नहीं लड़ सकती। हमारी खुश किस्मती यह है कि हम सब बेशक भिन्न भाषाएं बोलते लेकिन यह सब हमारी मां की जुबानें हैं। उन्होंने कहा कि भगवान से हमें संस्कार कुछ ऐसे मिले कि हिन्दुस्तान की महिला ने निर्णय लिया कि पति से पीछे इसलिए चलना हैं क्योंकि अगर कहीं वह नादान पुरुष डगमगाये जो उसे संभालने की क्षमता सिर्फ मुझ में है।