7 लाख बच्चों को मनपसंद स्कूलों में दाखिला की गारन्टी दे सरकार:जैन
 
 दिल्ली स्टेट पब्लिक स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष आरसी जैन का कहना है कि दिल्ली में चलने वाले गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को 31 मार्च से बन्द करने का दिल्ली सरकार का आदेश दुर्भाग्यपूर्ण है। क्योंकि इस आदेश के कारण लगभग सात लाख बच्चों के स्कूल बन्द हो जायेंगे जिसको दिल्ली सरकार अपने स्कूलों में दाखिला नहीं दे पायेगी। उन्होंने कहा कि  दिल्ली सरकार के अपने स्कूलों में एक-एक कक्षा में 150 से ज्यादा बच्चे है। ऐसी स्थिति में इन बच्चों के स्कूलों को बन्द करने से उत्पन्न स्थिति बड़ी विकट हो जायेगी। 
दिल्ली स्टेट पब्लिक स्कूल्स मैनेजमेन्ट एसो. के अध्यक्ष श्री आर.सी.जैन ने उपराज्यपाल, मुख्यमन्त्री दिल्ली, शिक्षा मऩ्त्री दिल्ली, शिक्षा सचिव दिल्ली व शिक्षा निदेशक दिल्ली सरकार को इस संबध में एक पत्र भी भेजा है। श्री जैन ने बताया कि 1 अपै्रल 2010 से मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा अधिकार कानून 2009 की धारा 18 व 19 के अनुसार सभी गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को कानून लागू होने के तीन वर्ष के अन्तर्गत मान्यता लेनी आवश्यक है अन्यथा उसके बाद स्कूल चलाने पर स्कूल संचालक पर एक लाख रूपये का तुरन्त जुर्माना व प्रतिदिन 10 हजार रूपये का जुर्माना ऐसे स्कूलों को भरना होगा। ऐसे में संस्था के प्रयासों से वर्ष 2013 में दिल्ली में 804 स्कूलों को प्रोविजनल मान्यता दी गयी जिसको दिल्ली सरकार व तीनों दिल्ली नगर निगम पाँच वर्ष पूरा होने पर भी स्थायी मान्यता देने या ना देने का फैसला नहीं ले पायी जो अब गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों की श्रेणी में आ चुके है। दूसरी और अनेक बीस-तीस साल से चलने वाले गैर मान्यता प्राप्त स्कूल जो विशेषतोर से गावों, देहातों, 44 पुनर्वास बस्तियों व ऐसी जगह जहाँ सरकारी स्कूल नहीं है वहाँ पर कम फीस में शिक्षा की जरूरतों को पूरा कर रहे है।
श्री जैन ने सरकार की नीयत पर सवाल उठाते हुए पूछा है कि जिस कानून में तीन वर्ष में मान्यता लेने का प्रावधान है उसी कानून की धारा 6 में साफ लिखा है कि सरकार 3 वर्ष के अन्दर हर बच्चे के पडौस में नये स्कूल बनाकर उस बच्चे के शिक्षा के अधिकार को पूरा करेगी। क्या सरकार मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा अधिकार कानून 2009 की इस धारा के अनुसार स्कूल बना पायी नही।
श्री जैन ने सरकार से सवाल पूछा है कि मुफ्त अनिवार्य शिक्षा अधिकार कानून 2009 की धारा 25 के अनुसार स्कूलों में 40 से ज्यादा बच्चे एक कक्षा में नहीं होने चाहिए। जबकि दिल्ली के स्कूलों की स्थिति किसी से छिपी नहीं है कि किस प्रकार दिल्ली के सरकारी स्कूलों में एक-एक दिन में चार-चार पालियों में शिक्षा ले रहे है। 90 से ज्यादा बच्चे तो दिल्ली के अधिकतर स्कूलों में एक - एक कक्षा में है। तब सरकार इन गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को बन्द करके इन सात लाख बच्चों के साथ क्यों अन्याय कर रही है।
दिल्ली स्टेट पब्लिक स्कूल्स मैनेजमेन्ट एसो. के अध्यक्ष श्री आर.सी.जैन ने दिल्ली को 11.02.2018 को भेजे गये पत्र में चेतावनी दी है कि सरकार ने अगर इन स्कूलों को बन्द करने के निर्णय को तुरन्त प्रभाव से वापिस नहीं लिया तो दिल्ली के मुख्यमन्त्री के घर के बाहर इन स्कूलों में पढने वाले बच्चों, उनके अभिभावकों व इन स्कूलों के अध्यापक, अध्यापिकाओं सहित स्कूल संचालकों का उग्र प्रदर्शन किया जायेगा। जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इसके लिए संस्था के सदस्य स्कूलों की अनेक सभा त्रिलोकपुरी, कल्याणपुरी, मंगोलपुरी, सुलतानपुरी, नाँगलोई, शास्त्रीनगर, गीता काॅलोनी, नन्द नगरी, संगम विहार व सुन्दर नगरी आदि मंे हो चुकी है।