ओलंपिक पदकों के लिये शारीरिक शिक्षा जरूरी

नयी दिल्ली।  विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भारत को भविष्य के ओलंपिक खेलों में ज्यादा से ज्यादा पदक जीतने हैं तो इसके लिये स्कूल और कॉलेज स्तर पर शारीरिक शिक्षा को सर्वोच्च महत्व देना होगा। 
        यह विचार विजन एंड मिशन ओलिंपिक को लेकर पेफी (फिजिक्ल एजुकेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया) के दो दिवसीय  राष्ट्रीय सम्मेलन में निकलकर सामने आया। सम्मेलन में हिस्सा लेने वाले वक्ताओं ने साफतौर पर कहा कि देश को यदि खेलों मे आगे बढ़ना है तो स्कूल -कालेजों में शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य बनाया जाए और कोचों की तरह शारीरिक शिक्षकों को भी आदर सम्मान का दर्जा दिया जाए।
          इस सम्मेलन  में देश भर से भाग लेने आए लगभग 700 शारीरिक शिक्षकों ने राय जाहिर की कि ओलंपिक में यदि मेडल जीतने हैं तो फिजिकल एजुकेशन, स्पोट्र्स और  साइंस  को मिलकर काम करना होगा। सम्मेलन में 125 से अधिक  वि-विद्यालयों, विभागों और स्पोट्र्स से जुड़े अधिकारियों ने भाग लिया। 
         इसका उद्घाटन राष्ट्रीय डो¨पग रोधी एजेंसी (नाडा) के महानिदेशक नवीन अग्रवाल ने किया जबकि समापन समारोह में सांसद, दिल्ली प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष और पेफी के राष्ट्रीय संरक्षक मनोज तिवारी मुख्य अतिथि थे। इस अवसर पर खेलों के क्षेा में काम करने वाले लोगों को भी सम्मानित  किया गया।