दीनदयाल वेटेरिनरी विविद्यालय में नए पाठ्यक्रम होंगे शुरू

मथुरा।  उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित दीनदयाल उपाध्याय वेटेरिनरी विविद्यालय में आगामी सा से डेयरिंग एवं मत्स्य पालन में बीटेक के दो नए पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। 
         उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यहां दीनदयाल वेटेरिनरी यूनिवर्सिटी में दीनदयाल की प्रतिमा के अनावरण समारोह में  यह घोषणा की।  इस मौके पर 400 करोड़ से अधिक की लागत की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया। इनमें 195 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण किया गया तथा 214 करोड़ 15 लाख की योजनाओं का शिलान्यास किया गया।
         इस अवसर पर श्री नाईक ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय ने एक कर्मयोगी के रूप में काम किया तथा उनकी संगठन क्षमता का ही असर है कि आज केन्द्र एवं विभिन्न प्रदेशों में भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) की सरकारे हैं। प्रदेशों के भाजपा संगठनों ने उनकी विचारधारा को आगे बढ़ाया जिससे वहां सरकारें बनी।
        उन्होंने बताया कि किस प्रकार मुम्बई में दीनदयाल उपाध्याय के विचारों को आगे बढ़ाकर भाजपा झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले 65 प्रतिशत लोगों के कल्याण के लिए काम करके आगे बढ़ी। उसका मूलमां हर हाथ को काम और हर खेत को पानी से पार्टी को इतनी अदभुत शक्ति मिली कि पार्टी एक प्रकार से अपराजेय की स्थिति में पहुंच गई। उन्होंने कहा कि विविद्यालय उनके विचारों को आगे बढ़ाने का सही कार्य कर रहा है। यह विविद्यालय गौ अनुसंधान के क्षेा में भी आगे बढ़कर अग्रणी यूनिवर्सिटी बने यही उनकी कामना है।
             उन्होंने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय के समय राजनीति पूंजीवाद एवं साम्यवाद या समाजवाद में बंटी हुई थी। स्वर्गीय उपाध्याय ने उस समय में इन दोनो से परे एकात्ममानववाद का विचार दिया जिसमें अंतिम पायदान में खड़े व्यक्ति के उत्थान की बात की गई।
मुख्यमंत्री योगी ने इस अवसर पर कहा कि दीनदयाल उपाध्याय ने भारत को भारत की दृष्टि से देखने के लिए ही एकात्म मानववाद एवं अन्त्योदय का संदेश दिया था। उनका मानना था कि पाश्चात्य विचारधारा से भारत का उत्थान नहीं हो सकता। उन्होंने परस्पर सहनशीलता का संदेश देते हुए कहा कि राजनीतिक दलों का उद्देश्य केवल सत्ता प्राप्त करना ही नहीं है। उन्हें भाव एवं भावनाओं का भी ख्याल करना चाहिए तथा उनमें वैचारिक क्रांति करने की भी क्षमता होनी चाहिए। 
       श्री योगी ने कहा कि दीनदयाल ने कृषि, उद्योग आदि पर भी अपने विचार व्यक्त किये और बताया कि‘‘मैन, मनी, मेटीरियल, मार्केट, मोटीवेशन एवं मशीनरी’को विचार कर यदि औद्योगिक नीति बनाई जाए तो सफल अवश्य होगी।
      उन्होंने कहा कि दीनदयाल पारस्परिक सहभागिता की बात करते थे लेकिन पिछली सरकारों में गोवंश को बढ़ाने का काम नहीं हुआ जबकि पशुपालन खेती के लिए आवश्यक है। उन्होंने विविद्यालय के कुलपति से कहा कि चूंकि यह विविद्यालय गो अनुसंधान का कार्य भी करता है। इसलिए गायों के दुग्ध उत्पादन क्षमता को बढ़ाने का कार्य किया जाना चाहिए और यह कार्य देशी गायों के लिए ही किया जाना चाहिए।
      श्री योगी ने गोपालन को उपयोगी बनाने की आवश्यकता पर बल देते हुए घोषणा की कि सरकार गोशाला खोलने के लिए हर संभव मदद करेगी, लेकिन चारे का प्रबंध गोशाला खोलने वालों को ही करना होगा।
      मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर पशुधन, लघु सिंचाई एवं मत्स्य मंत्री एसपी सिंह बघेल को निर्देश दिया कि वे इस प्रकार की व्यवस्था करें कि इस विविद्यालय में आगामी सा से ही डेयरिंग एवं फिशरीज का बीटेक का शिक्षण प्रारंभ हो जाये।
        विविद्यालय के कुलपति प्रो0 के0एम0एल0 पाठक ने बताया कि यहां गायों की नस्ल सुधारने आदि का कार्य किस प्रकार किया जा रहा है। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी, श्रीकांत शर्मा, एस0पी0 सिंह बघेल समेत कई विशिष्ट लोग मौजूद थे।