दिल्ली में एक भी स्कूल बंद नहीं होने देंगेः निसा

- सरकारी स्कूलों के खराब प्री-बोर्ड रिजल्ट के मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश के तहत लिया गया है यह फैसला

- स्कूलों को रिकग्नाइज़ करने के लिए हाल ही में गठित की थी कमेटी, नहीं है कोई अता पता

- स्कूलों से संबंधित तमाम मुद्दों को लेकर रामलीला मैदान में विशाल धरना-प्रदर्शन की घोषणा

 

नई दिल्ली। बजट प्राइवेट स्कूलों के अखिल भारतीय संघ नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल्स अलायंस (निसा) ने गैर-मान्यता प्राप्त स्कूलों में आगामी सत्र से शैक्षणिक गतिविधियों को बंद करने के फरमान की कड़ी निंदा की है। निसा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने कहा है कि सरकार का यह कदम गरीब व मेहनतकश आम आदमी द्वारा अपने बच्चों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करने के सपने पर कुठाराघात है। उन्होंने कहा कि आज गरीब से गरीब तबका अपना पेट काटकर बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिल कराना चाहता है और इसके लिए मुफ्त यूनिफार्म, मुफ्त किताबें, मीड-डे मील आदि के प्रलोभनों को भी दरकिनार कर रह है। लेकिन प्रशासन गरीब अभिभावकों के चयन के अधिकार को चोर दरवाजे से छीनना चाहता है और छोटे स्कूलों को इंफ्रास्ट्रक्चर, प्ले-ग्राऊंड आदि के नाम प्रताड़ित करते हुए बंद करने की कोशिशों में जुटा हुआ है।

उन्होंने कहा कि शिक्षामंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा बजट स्कूलों की समस्या के समाधान के लिए लगातार आश्वासन दिया जाता रहा और यहां तक कि 16 जून 2017 को एक नोटिफिकेशन जारी कर गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को मान्यता देने की संभावनाओं पर रिपोर्ट देने के लिए योगेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में एक कमेटी भी गठित की थी। लेकिन आरटीआई द्वारा प्राप्त सूचना के मुताबिक कमेटी की बैठकों और उसकी रिपोर्ट आदि के बारे में अबतक स्वयं निदेशालय के पास भी कोई सूचना नहीं है। ऐसे में शिक्षा विभाग द्वारा कमेटी की रिपोर्ट का इंतेजार करने और स्कूलों को मान्यता प्रदान करने की बजाए ऐसे स्कूलों में शैक्षणिक गतिविधियों को बंद करने का निर्देश, हाल ही में दिल्ली के सरकारी स्कूलों में प्री-बोर्ड परीक्षा के खराब परिणाम से सबका ध्यान भटकाने के उद्देश्य से जारी किया गया प्रतीत होता है।

कुलभूषण शर्मा ने कहा कि दिल्ली सरकार ने विज्ञापन पर करोड़ों रूपए खर्च कर यह प्रचारित किया था कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में भारी सुधार हुआ है, किंतु आज प्री-बोर्ड में छात्रों के खराब प्रदर्शन का ठीकरा अध्यापकों के ऊपर फोड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि निसा दिल्ली में एक भी स्कूल बंद नहीं करने देगी और इसके लिए जो हर-संभव कदम उठाए जाएंगे। शर्मा ने स्कूलों से संबंधित तमाम मुद्दों को लेकर आगामी 7 अप्रैल को रामलीला मैदान में विशाल महासम्मेलन आयोजित करने की घोषणा की।