प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप से रुकेगा प्रतिभाओं का पलायन

  • उच्च तकनीकी संस्थानों के 1000 छात्रों को मिलेगी फेलोशिप
  • फेलोशिप में अनुसंधान के लिये दिये जायेंगे 85 हजार रुपये प्रति माह
  • फेलोशिप करने वाले छात्र सप्ताह में एक दिन आईटीआई व पॉलीटैक्निक में पढ़ायेंगे

 

नई दिल्ली। देश की प्रतिभाओं का विदेशों की ओर पलायन रोकने के लिये शिक्षा के क्षेत्र मे एक अनूठी पहल के रूप में प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप का एलान बजट में किया गया है। इस फेलोशिप के तहत आईआईटी, आईआईआईटी, एनआईटी व आईआईएसईआर के प्रतिभाशाली 1000 छात्रों को अनुसंधान के लिये फेलोशिप दी जायेगी। 
    देश के विभिन्न आईआईटी, आईआईआईटी, एनआईटी व आईएसईआर आदि उच्च शिक्षा संस्थानों से शिक्षा हासिल करने वाले कई छात्र तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान करने व रोजगार के लिये अन्य देशों की ओर पलायन कर जाते हैं जिससे उनके ज्ञान व प्रतिभा का फायदा देश को नहीं मिल पता। देश के जाने माने तकनीकी शिक्षा संस्थानों में शिक्षा लेने वाले प्रतिभाशाली छात्रों की प्रतिभा व ज्ञान का उपयोग देश के लिये करने के उददेश्य से इस वर्ष बजट में प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप प्रोग्राम की घोषणा की गई है। 
    इस कार्यक्रम के तहत एक हजार प्रतिभाशाली छात्रों को चयन प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप के लिये किया जायेगा जिन्हें लगभग 85 हजार रुपये प्रति माह सरकार अनुसंधान व शिक्षा के लिये प्रदान करेगी। इन छात्रों की प्रतिभा व ज्ञान का उपयोग आईटीआई व पालीटैक्निक के छात्रों  के लिये करने के उददेश्य से इस कार्यक्रम में यह व्यवस्था की गई है कि फेलोशिप लेने वाला प्रत्येक छात्र सप्ताह में एक दिन किसी पालीटैक्निक या आईटीआई में जाकर पढ़ायेगा। सरकार का मानना है कि इससे आईटीआई व पालीटैक्निक के छात्रों को भी फेलोशिप प्राप्त इन छात्रों से कुछ सीखने का मौका मिलेगा वहीं प्रतिभाशाली छात्रों का पलायन रुकेगा और उन्हें आगे शिक्षा हासिल करने व अनुसंधान का मौका मिलेगा। 
    बजट में राष्ट्रीय ऊंचाहार शिक्षा अभियान के लिये 1400 रुपये का बजट किया गया है इससे राज्यों में उच्च शिक्षा पर खर्च किया जायेगा जबकि तकनीकी शिक्षा में गुणवत्ता को बढ़ावा देने के लिये चलाये जा रहे टैक्निकल एजुकेशन  क्वालिटी इम्प्रूवमेंट प्रोग्राम के लिये भी 275 करोड़ रुपये के प्रावधान से स्पष्ट है कि सरकार उच्च शिक्षा में गुणवत्ता को लेकर गंभीर है।