• राष्ट्रपति ने दी स्वायत्ता संबधी बिल को मंजूरी
  • कल होगी स्वायत्ता संबधी नियम बनाने के लिये पहली बैठक
  • प्रबंध संस्थानों में सरकार का दखल होगा खत्म 
 
नई दिल्ली। देश के इंडियन इंस्टीटीयुट आफ मैनेजमेंट आईआईएएम प्रबंध संस्थानों में अब सरकारी दखल पूरी तरह समाप्त हो जायेगा। आगामी एक फरवरी से आईआईएएम संस्थानों को पूर्ण स्वायत्ता मिल जायेगी। पूर्ण स्वायत्ता संबधी बिल को राष्ट्रपति ने भी अपनी मंजूरी दे दी है। जल्द ही आईआईएएम बोर्ड चैयरमैन पद से मानव संसाधन मंत्री तथा बोर्ड में सरकार के चारों प्रतिनिधि अपना पद छोड़ देंगे।  
देश के सरकारी प्रबंध संस्थानों आईआईएएम को पूर्ण स्वायत्ता देने संबधी बिल को लोकसभा व राज्यसभा पहले ही पास कर चुकी हैं। केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने बताया कि राष्ट्रपति ने भी इस बिल को अपनी मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि अब बिल को लागू करने के लिये स्वायत्ता संबधी नियम बनाने बाकी हैं। नियम बनाने के लिये कमेटी की पहली बैठक बुधवार को होगी। जावडेकर के अनुसार एक फरवरी से पहले नियम बनाने की प्रक्रिया पूरी कर ली जायेगी और एक फरवरी तक सभी आईआईएएम पूर्ण स्वायत्त हो जायेंगे। 
उन्होंने बताया कि वर्तमान में सभी आईआईएएम के प्रबंधन बोर्ड में चार चार सदस्य सरकार के होते हैं, वह सभी सदस्य अपना पद छोड़ देगे तथा बोर्ड चेयरमैन के रूप में मानव संसाधन मंत्री के रूप में वह स्वयं भी अपना पद छोड़ देंगे। उन्होंने बताया कि नियमों के अनुसार आईआईएएम संस्थानों का यही बोर्ड ही अगले बोर्ड का गठन करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद उच्च शिक्षण संस्थानों को स्वायत्ता प्रदान करना है ताकि उच्च शिक्षण संस्थानों में किसी प्रकार का दबाव व दखल ना हो, आईआईएएम संस्थानों को स्वायत्ता प्रदान करना सरकार की इसी नीति का हिस्सा है।