अपने कारोबार में नाकामी से डरते हैं 71 फीसदी युवा : सर्वेक्षण

हैदराबाद। देश के अधिकांश युवा असफलता के डर से अपना कारोबार शुरू नहीं करना चाहते हैं जबकि 70 फीसदी से उद्यमशिलता से संबंधित पाठ्यक्रम को शामिल किये जाने की जरूरत बतायी है। 
देश में युवाओं में उद्यमशीलता के विभिन्न पहलुओं को समझने के प्रयास के तहत डायरेक्ट सेलिंग कंपनी एमवे इंडिया ने यहां चल रहे वैिक उद्यमशिलता सम्मेलन के दौरान आज एमवे इंडिया एंट्रिप्रेन्योरशिप रिपोर्ट जारी की जिसमें यह खुलासा हुआ है। 
एमवे के अध्यक्ष डग डिवॉस ने रिपोर्ट जारी की। इसके अनुसार 75 फीसदी भारतीय युवा चाहते हैं कि उद्यमिता से संबिधत कोर्स उनके सिलेबस में शामिल किए जाएं। 60 फीसदी छात्रों को उद्यमी या कारोबारी बनने के लिए समाज का या परिवार का समर्थन मिलता है जबकि 71 फीसदी प्रतिभागियों ने कहा कि अपना बिजनेस शुरू करने में नाकामी का डर सबसे बड़ा रोड़ा है। युवा छात्रों में धन सृजन के लिए उद्यमिता सबसे बड़ा आकषर्ण है और गुजरात, पंजाब, मध्यप्रदेश, कर्नाटक और राजस्थान उद्यमिता के बेहतर माहौल उपलब्ध कराने के मामले में देश में सर्वोच्च स्थान पर हैं। 
एमवे इंडिया के लिए नीलसन ने इस सर्वेक्षण किया है जिसमें 21 राज्यों के 28 शहरों और छोटे कस्बों के 10,809 छात्र शामिल है। इसमें 6269 पुरुष और 4250 महिलाओं ने हिस्सा लिया। 
एमवे इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंशुबुद्ध राजा ने कहा कि युवा उद्यमी भारतीय अर्थव्यवस्था को आकार दे रहे हैं। सरकार की ओर से शुरू किए गए स्टार्टअप इंडिया जैसी कई पहलों ने कई युवा कारोबारियों को अपने विचार को अमल में लाने के लिए प्रेरित किया है, जिससे भारत में नौकरियों की संख्या बढ़ रही है। एमवे ने कारोबारी बनने की क्षमता को मौजूदा सामाजिक और शैक्षिक व्यवस्था में एकीकृत करने के सरकार के लक्ष्य के साथ विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से स्वयं को जोड़ा है।