भारतीय विविद्यालयों को उत्कृष्टता का केंद्र बनना चाहिए : उपराष्ट्रपति

           अमरावती। उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने आज कहा कि देश के विविद्यालयों को उत्कृष्टता का केंद्र बनना चाहिए और भविष्य के लिए बहुमुखी प्रतिभा के धनी छात्रों को तैयार करना चाहिए।
            उन्होंने खेद जताया कि देश का कोई भी विविद्यालय वि स्तरीय नहीं है और कहा कि भारत में अच्छे विविद्यालय हैं लेकिन यहां उत्कृष्ट विविद्यालयों की जरूरत है।
            नायडू ने यहां कहा यह काफी दुखद है कि हमारे 760 विविद्यालयों में से कोई भी वि स्तरीय नहीं है। देश में अच्छे विविद्यालय हैं लेकिन हमें उत्कृष्ट विविद्यालय चाहिए।  
            उपराष्ट्रपति इनावोलु गांव में वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (वीआईटी) के आंधप्रदेश परिसर का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे। उन्होंने कहा  उच्च शिक्षण संस्थानों में स्तर बढ़ाने, पढ़ाई सुधारने, शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने की जरूरत है और इन्हें उद्योगों से जोड़ा जाना चाहिए ताकि छात्र वैिक दुनिया की चुनौतियों से निपट सकें।  
             उन्होंने कहा,   दुनिया में फिलहाल डिजिटल तकनीक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है और विविद्यालयों को भविष्य के बहुमुखी प्रतिभा के धनी छात्र तैयार करने चाहिए। नायडू ने सरकारी और निजी विविद्यालयों से अपील की कि कौशल, ज्ञान बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करें और स्तर बढ़ाएं और फिर वि स्तरीय होने के लिए प्रतियोगिता करें।
            उन्होंने कहा कि उपयुक्त सुविधाएं, आधारभूत ढांचे और अवसर होने से हमारे विविद्यालय शानदार प्रदर्शन कर सकते हैं।पराष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत होने से सरकार शिक्षा और उच्च शिक्षा पर ज्यादा खर्च करेगी।
            वैंकेया नायडू और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने वेल्लोर इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नोलॉजी-एपी यूनिवर्सिटी के अमरावती में स्थित एकेडमिक और हॉस्टल ब्लॉक का उद्घाटन किया। आपको बताते चले कि आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अब अमरावती है। 

        नायडू ने कहा कि शिक्षा सिर्फ नौकरी पाने के लिए ही नहीं है बल्कि शिक्षा का असली मकसद ज्ञान का विस्तार करना और सशक्तीकरण है। उन्होंने कहा कि किसी भी देश का भाग्य एक क्लॉस रूम में आकार लेता है। वैंकेया नायडू ने कहा कि वीआईटी-एपी यूनिवर्सिटी ने कम समय में ही अपनी ब्रांड इक्विटी बना ली है। अच्छे शहरों की सबसे अच्छी खसियत उसके अच्छे शैक्षिक संस्थान ही होते हैं। उन्होंने कहा कि भारत में हमेशा से शिक्षा का महत्व दिया गया और आंध्र प्रदेश एजुकेशनल हब को लेकर हमेशा से लेकर देश में अग्रणी रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का मकसद उद्धार, उद्बोधन, सशक्तीकरण, अनुभूति, नौकरी के साथ—साथ चरित्र निर्माण और एक संपूर्ण व्यक्ति को बनाना भी है।

उन्होंने कहा कि हर किसी को पारंपरिक संस्कारों और संस्कृति को आगे ले जाना चाहिए जिससे एक वाइब्रेंट सोसायटी का निर्माण हो सके। श्री वैंकेया नायडू ने जोर देते हुए कहा कि आर्थिक असमानता और सामाजिक बुराइयों को खत्म करना किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जाति, रंग, भेद, धर्म और लिंग को अलग छोड़कर सब को देश के विकास के लिए एक साथ आना चाहिए।  प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री एन चंद्र बाबू नायडू ने कहा कि वीआईटी-एपी यूनिवर्सिटी की अमरावती में स्थापना इस उद्देश्य से की गई है जिससे उच्चतम स्तर के शैक्षिक अनुभवों को साझा किया जा सके। चंद्रबाबू नायडू ने वीआईटी-एपी यूनिवर्सिटी की स्थापना का काम बहुत तेजी से करने पर तारीफ करते हुए कहा कि इससे आंध्र प्रदेश के छात्रों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का अनुभव मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि वीआईपी-एपी आंध्र प्रदेश को नॉलेज हब बनाने की दिशा में आगे बढ़ चला है। इस मौके पर उन्होंने उन सभी किसानों को धन्यवाद दिया जि​न्होंने नई राजधानी बनाने के लिए अपनी जमीनें दी हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के समर्थन के चलते ही 33,500 एकड़ जमीन सरकार को प्राप्त हो सकी है।  इस मौके पर वीआईटी के चांसलर डॉ जी विश्वनाथन ने भी अपनी बात रखी। इस मौके पर वीआईटी के वाइस प्रेसीडेंट श्री शंकर विश्वनाथ, डॉ सेकर विश्वनाथन, श्री जी वी सेल्वम, वीआईटी—एपी के वाइस चासंलर डॉ सुभाकर, वीआईटी एपी की कार्यकारी निदेशक संध्या पेंटा रेड्डी, सहायक उपाध्यक्ष कादांभरी एस विश्वनाथन ने भी हिस्सा लिया।