इंटरनेशनल शॉर्ट फिल्म कॉम्पटीशन के साथ 9वें स्कूल च्वाइस नेशनल कांफ्रेंस का समापन

- शिक्षा क्षेत्र की चुनौतियों, समाधान के तौर तरीकों और उपलब्धियों पर आधारित शॉर्ट फिल्में हुई पुरस्कृत

- 111 देशों से प्राप्त कुल 1924 शॉर्ट फिल्मों में से सर्वश्रेष्ठ 5 का हुआ प्रदर्शनतीन पुरस्कृत

नई दिल्ली। इंटरनेशनल शॉर्ट फिल्म कॉम्पटीशन ‘एडुडॉक’ के साथ 9वें स्कूल च्वाइस नेशनल कांफ्रेस (एससीएनसी) का समापन हो गया। इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित इस फिल्म कॉम्पटीशन के दौरान दुनिया भर से प्राप्त पांच सर्वश्रेष्ठ शॉर्ट फिल्मों का प्रदर्शन किया गया और तीन सर्वश्रेष्ठ फिल्मों को पुरस्कृत किया गया। थिंकटैंक सेंटर फॉर सिविल सोसायटी (सीसीएस) द्वारा आयोजित ‘एडुडॉक’ फिल्म कॉम्पटीशन का उद्देश्य दुनिया भर में शिक्षा के क्षेत्र में व्याप्त चुनौतियों, उसके समाधान के लिए अपनाए गए तौर तरीकों व उपलब्धियों को अंतर्राष्ट्रीय मंच प्रदान करना है।

एडुडॉक फिल्म कॉम्पटीशन के लिए इस वर्ष 111 देशों से 1924 प्रविष्ठियां प्राप्त हुई थीं। श्रेष्ठ फिल्मों के चयन के लिए लगभग एक महीने से चल रही स्क्रीनिंग प्रक्रिया व तीन स्तर पर चयनीत होने के बाद रविवार की देरशाम इंडिया हैबिटेट सेंटर में इन्हें प्रदर्शित किया गया। इस दौरान भारतीय फिल्में ‘फूल अपनी खूश्बू खुद नहीं लेता’, ‘कप ऑफ टी’ व फ्रांसीसी फिल्म ‘उने पेटाइट डिफ्रेंस’ को क्रमशः प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस दौरान फिल्म निर्माताओं को सर्टिफिकेट, ट्रॉफी व नकद धनराशि प्रदान की गयी। कार्यक्रम की शुरुआत सीसीएस-जीएमसी एन्युअल लेक्चर सीरीज के तहत ‘अंडरस्टैंडिंग व्हाट, वाय, हाऊ ऑफ इम्प्रूविंग क्वालिटी इन अफोर्डेबल प्राइवेट स्कूल’ विषय पर पैनल डिस्कशन के साथ हुई।

इसके पूर्व 9वें स्कूल च्वाइस नेशनल कांफ्रेस के दौरान ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर इन एजुकेशनः पॉलिसी, पैरेंट्स, पॉलिटिक्स’, ‘डीबीटी एक्सपेरिमेंट्स एंड मॉडल्सः नेशनल एंड ग्लोबल’, ‘डीबीटी इन एजुकेशनः इंसेटिव, इम्पैक्ट्स एंड इश्यूज’, ‘डीबीटी इम्पलिमेंटेशन चैलेंजेसः डिजाइन, टेक्नोलॉजी एंड स्टेट कैपेसिटी’ विषयों पर चर्चा की गई। इस दौरान सीसीएस के प्रेसिडेंट डा. पार्थ जे. शाह व वर्ल्ड बैंक के कंट्री हेड जुनैद कमाल अहमद, पुंडुचेरी सरकार की एडिशनल सेक्रेटरी पी. प्रियतर्शनी, एनएसडीसी के गौरव कपूर, निसा प्रेसिडेंट कुलभूषण शर्मा आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहें।